Garmi ke din or chalti Garm Hawain. sath apne lekar chalti sunhari ret.. Hawain chale to virane m aawaj aaye saain saain. chalte loo, jalati doraon ki ret. vikat h jiwan, una virane paraniyon ka.
शिखर दोपहरी गर्मी के दिन, चलती गर्म हवाएं। साथ कपङे लेकर चलती सुनहरी रेत।। लू चले तो वीराने में आवाज आये सांय सांय। चलती लू जलती दोपहरी की रेत।। वीरान है जीवन, उन वीराने प्राणियों का । लेकर जीवन आती है, शाम की ठंडी हवाएं ।।
शिखर दोपहरी गर्मी के दिन, चलती गर्म हवाएं। साथ कपङे लेकर चलती सुनहरी रेत।। लू चले तो वीराने में आवाज आये सांय सांय। चलती लू जलती दोपहरी की रेत।। वीरान है जीवन, उन वीराने प्राणियों का । लेकर जीवन आती है, शाम की ठंडी हवाएं ।।
4 comments:
सर
हिन्दी में रचना पोस्ट करेंगे तो पढने वाले को मज़ा आयेगा.
भाव अच्छे हैं .
Ok thanks anupam sir
शिखर दोपहरी गर्मी के दिन, चलती गर्म हवाएं।
साथ कपङे लेकर चलती सुनहरी रेत।।
लू चले तो वीराने में आवाज आये सांय सांय।
चलती लू जलती दोपहरी की रेत।।
वीरान है जीवन, उन वीराने प्राणियों का ।
लेकर जीवन आती है, शाम की ठंडी हवाएं ।।
शिखर दोपहरी गर्मी के दिन, चलती गर्म हवाएं।
साथ कपङे लेकर चलती सुनहरी रेत।।
लू चले तो वीराने में आवाज आये सांय सांय।
चलती लू जलती दोपहरी की रेत।।
वीरान है जीवन, उन वीराने प्राणियों का ।
लेकर जीवन आती है, शाम की ठंडी हवाएं ।।
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